योगी आदित्यनाथ के शपथ लेने के कुछ ही घंटो बाद इलाहाबाद में बीएसपी नेता मोहम्मद शमी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस हत्याकांड को लेकर जब कैबिनेट मंत्री और इलाहाबाद से नवनिर्वाचित विधायक सिद्धार्थनाथ सिंह से सवाल पूछा गया तो उन्होंने वारदात को अलग ही रंग देने की कोशिश की. सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा- मृतक नेता हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं. उन्होने ने कहा, ऐसा लगता है ये हत्या निजी रंजिश के चलते की गई.
इलाहाबाद में बदमाशों ने रविवार रात बीएसपी नेता की गोली मारकर हत्या कर दी. बदमाशों ने दफ्तर परिसर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया. हमले के बाद बदमाश फरार हो गए. मृतक मोहम्मद शमी ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं. वारदात से नाराज समर्थकों ने इलाहाबाद-प्रतापगढ़ रोड जाम कर दिया.
घटना मऊआइमा कस्बे की है. बताया जा रहा है कि रविवार रात पूर्व ब्लॉक प्रमुख शमी अपने दोस्तों के साथ ढाबे पर खाना खाने गए थे. खाने के बाद शमी अपने दफ्तर में चले गए. इसके बाद जब वह अपनी कार की तरफ बढ़े तो बदमाशों ने उन पर गोलियां बरसा दीं. गोली लगते ही शमी गिर गए और बदमाश वहां से फरार हो गए.
मोहम्मद शमी इलाके के बड़े नेता हैं. वह तीन बार मऊआइमा के ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं. इस मामले में शमी के परिवार ने मऊआइमा के ब्लॉक प्रमुख सुधीर मौर्या समेत कई लोगों के खिलाफ तहरीर दी है.
मोहम्मद शमी के खिलाफ कई आपराधिक केस दर्ज हैं. पुलिस रिकॉर्ड में शमी एक हिस्ट्रीशीटर थे. पुलिस के मुताबिक 65 साल के शमी के खिलाफ 31 केस दर्ज हैं. जिनमें मर्डर, डकैती और लूट जैसे गंभीर अपराध भी शामिल हैं. इसके अलावा उनके ऊपर जमीनी विवाद के मामले भी चल रहे हैं.