प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में SAI इंदिरा गांधी खेल परिसर में पहले बोडोलैंड महोत्सव का उद्घाटन किया। इस अवसर पर एक जीवंत सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने 2020 में हस्ताक्षरित बोडो शांति समझौते की सराहना करते हुए कहा कि इसने न केवल असम में बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में अन्य शांति समझौतों का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने चरमपंथी समूहों में शामिल हुए युवाओं से शांतिपूर्ण बोडो समुदाय से प्रेरणा लेने का भी आग्रह किया।

दो दिवसीय बोडोलैंड महोत्सव भाषा, साहित्य और संस्कृति पर आधारित एक बड़ा आयोजन है, जिसका उद्देश्य शांति बनाए रखना और जीवंत बोडो समाज का निर्माण करना है।

महोत्सव का विषय ‘समृद्ध भारत के लिए शांति और सद्भाव’ है, जो बोडो समुदाय के साथ-साथ बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र (बीटीआर) के अन्य समुदायों की समृद्ध संस्कृति, भाषा और शिक्षा पर केंद्रित है। महोत्सव के दौरान, बोडो समुदाय के लोगों ने बागुरुम्बा का प्रदर्शन किया – असम और पूर्वोत्तर के बोडो लोगों द्वारा किया जाने वाला एक पारंपरिक लोक नृत्य।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बोडोलैंड में विकास का प्रभाव देखकर संतोष होता है जिसमें लगभग पचास साल की हिंसा और रक्‍तपात रूक गया है।

उन्‍होंने नक्‍सलवाद के पथ पर चल रहे लोगों से बोडोलैंड के लोगों से कुछ सीखने को कहा।

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