सीबीआई कोर्ट ने आय से अधिक मामले में हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी समेत सभी आरोपियों की जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने वीरभद्र सिंह को एक लाख रुपए का बॉन्ड और इतनी ही राशि की श्योरिटी मनी (जमानत राशि) करने के लिए कहा है। कोर्ट ने सोमवार को जमानत देने के साथ ही वीरभद्र के देश से बाहर जाने पर रोक लगाई है। देश से बाहर जाने के लिए उन्हें कोर्ट की मंजूरी लेनी होगी। कोर्ट के आदेश के बाद हिमाचल के सीएम को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा। इस मामले में अगली सुनवाई 27 जुलाई को होगी।

पिछले सोमवार को आय से अधिक संपत्ति मामले में कांग्रेस नेता और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपनी पत्नी प्रतिभा समेत दिल्ली कोर्ट में पेश हुए थे। वीरभद्र और अन्य आरोपियों ने जमानत के लिए स्पेशल सीबीआई कोर्ट पहुंचे थे। स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सीबीआई को एक नोटिस जारी करके वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी समेत जमानत याचिका पर जवाब मांगा था। मामले की अगली सुनवाई 29 मई (सोमवार) को रखी गई थी। इससे पहले 8 मई को वीरभद्र सिंह और अन्य आरोपियों को इसी मामले में कोर्ट ने समन भेजा था। आय से अधिक संपत्ति मामले में वीरभद्र सिंह के घर पर उनकी बेटी की शादी वाले दिन छापेमारी की कार्रवाई की गई थी। इसे लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर जमकर आरोप लगाए थे। सीबीआई ने मामले में चार्जशीट दाखिल करते हुए कहा था कि वीरभद्र सिंह ने अपनी आय से 192 प्रतिशत ज्‍यादा संपत्ति इकट्ठी की।

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वीरभद्र सिंह पर आरोप है कि उन्होंने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति अर्जित की है। इस मामले में सिंह के अलावा जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के एजेंट आनंद चौहान, उनके सहयोगी चुन्नी लाल, जोगिंदर सिंह घाल्टा, प्रेमराज, वकामुल्ला चंद्रशेखर, लवन कुमार रोच और रामप्रकाश भाटिया भी आरोपी हैं। उन्हें भी समन जारी किया गया। सीबीआई ने अपने आरोप-पत्र में कहा है कि मुख्यमंत्री ने अपने और अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर 10,30,47,946.40 रुपये की संपत्ति अर्जित की है, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोत से अधिक है। सिंह ने इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दिए हैं।