नई दिल्ली.सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि केंद्रीय लोककल्याणकारीय योजनाओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य नहीं किया जा सकता लेकिन सरकार को 12 अंकों की पहचान संख्या से बैंक खाते खोलने और टैक्स भरने से नहीं रोका जा सकता है.

बता दें कि हाल ही में सरकार ने मिड डे मील समेत तकरीबन तीन दर्जन केंद्रीय योजनाओं के लिए 12 अंकों के आधार नंबर को अनिवार्य कर दिया. इसके अलावा पिछड़ी जातियों और विकलांगों के लिए छात्रवृत्ति व अन्य योजनाओं के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है. सब्सिडी वाले रसोई गैस और अनाज के लिए भी आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है.

केंद्र सरकार ने कहा है कि 30 जून तक लोग बायोमैट्रिक दस्तावेजों को हासिल कर सकेंगे. वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि टैक्स चोरी को रोकने के लिए आधार कार्ड की आवश्यकता होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को ऐसा करने से नहीं रोका जा सकता है लेकिन पहले के आदेश को दोहराते हुए कहा कि आधिकारिक कल्याण योजनाओं के तहत लाभ लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं किया जा सकता.

पिछले सप्ताह संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि वोटर कार्ड और पैन या स्थायी अकाउंट नंबर के स्थान पर एक व्यक्ति की पहचान के लिए जल्द ही एक आधार कार्ड बन सकता है. उन्होने कहा कि 108 करोड़ (98 प्रतिशत) लोगों के पास आधार संख्या है.

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