नई दिल्ली. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 20 मार्च को राज्यसभा में अमरीका में रह रहे भारतीय नागरिकों और भरतीय मूल के लोगों पर हाल में हुए हमलों के संबंध में कहा कि, ‘अमरीका समेत विदेश में बसे भारतीय नागरिकों और भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा और संरक्षा सरकार के लिए सबसे पहले है.’ इसके साथ ही उन्होंने कहा कि, ‘अमरीका के साथ रणनीतिक भागीदारी या दूसरे संबंधों का स्थान उसके बाद है. सरकार भारतीयों के हितों की सुरक्षा के प्रति जागरुक है और इसके लिए लगातार प्रयत्नशील रहती है.’
खबरों के मुताबिक उन्होंने यह भी कहा कि, ‘अमरीका में भारतीय लोगों पर हुए लगातार हमलों पर सरकार सतर्क हैं. यह कानून एवं व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि घृणा जनित अपराध हैं और इनकी जांच इसी दृष्टिकोण से की जानी चाहिए. सरकार ने अमरीका प्रशासन से भी यही दृष्तिकोण अपनाने पर जोर दिया है.’
उन्होंने बताया कि अमरीकी पुलिस ने इन अपराधों के दोषियों को पकड़ लिया है और इनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है. अमरीकी प्रशासन ने सभी मामलों की पूरी जांच करने और दोषियों को न्याय के समक्ष लाने का आश्वासन दिया है. साथ ही साथ सरकार भी प्रभावित परिवारों से संपर्क बनाए हुए है और उनको हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही हैं.
उन्होंने कहा कि, ‘सरकार स्वयं भी अमरीका में हुई घटनाओं पर लगातार नजर रख रही है और देख रही है कि यह कोई चलन तो नहीं बन रहा है. स्वराज ने अमरीका के विभिन्न हिस्सों में भारतीयों पर हुए हमलों का उल्लेख करते हिए कहा कि, ‘अमरीकी प्रशासन तथा समाज इनका समर्थन नहीं करता है. प्रत्येक स्तर पर इनकी निंदा की गई है और भारतीयों के अमरीकी समाज के विकास में योगदान को स्वीकार करते हुए उनके प्रति एकजुटता व्यक्त की गई है.’
उन्होंने कहा कि वह स्वयं प्रभावितों के परिवारों के संपर्क में रही है और प्रत्येक घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नजर रख रहे हैं. भारत और अमरीका के बीच संबंधों का आधार लोगों का आपसी संपर्क हैं और दोनों देशों की भागीदारी इसी के आधार पर बनी है. हमलों के बाद अमरीकी सामज की प्रतिक्रिया इसका संकेत देता है कि वह दोनों देशों के लोगों के बीज आपसी संपर्क को महत्व देता है.