पूर्व चीनी सैनिक वांग की 54 साल के लंबे सफर के बाद अब अपने पैतृक गांव पहुंच चुके हैं. अपने घर लौटने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया. बता दें  77 वर्षीय वांग की पिछले माह ही अपने परिवार के साथ शांक्सी प्रांत की राजधानी शिआन पहुंचे थे, रविवार को वह अपने गांव शियाओजियान पहुंचे हैं.

  बालाघाट ज़िले के तिरोड़ी गाँव में वांग

फोटो साभार- बीबीसी

वांग अपने गांव में पैतृक घर में पहुंचे, वहां अभी उनके बड़े भाई रहते हैं. गांव पहुंच कर उन्होंने अपनी मां को श्रद्धांजलि दी. वांग के बेटे विष्णु वांग ने कहा कि इतने सालों के बाद घर वापिस लौटना मेरे पिता के लिए काफी मायने रखता है, यहां पर उन्हें देखने के लिए हजारों लोग आए थे. पूरा गांव उनके आने का जश्न मना रहा है. वांग का गांव शियाओजियान राजधानी शियान से दो घंटे की दूरी पर है.

वांग अपनी दोनों बेटियों के साथ

पूर्व चीनी सैनिक वांग की 1963 में भारत-चीन बॉर्डर पार कर भारत आ गये थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. हालांकि 1969 में उन्हें रिहा कर दिया गया था, जिसके बाद वह मध्य प्रदेश के टिरोडी गांव में रहते थे, जहां उन्होंने भारतीय महिला सुशीला से विवाह किया.

वांग 1960 में चीनी सेना में भर्ती हुए थे

चीन लौटे परिवार ने अभी यह फैसला नहीं किया है कि वह चीन में रहेंगे या भारत में, वांग के बेटे विष्णु का वीजा मात्र 2 साल के लिए बचा है. वांग का पूरा परिवार अभी भारत में ही है.

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