नई दिल्ली. राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने उज्जैन प्रमुख कारण चंद्रावत को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. बता दें कि चंद्रावत ने पिछले कुछ दिनों पहले चंद्रावत ने केरल के मुख्यमंत्री को लेकर गुरुवार को उज्जैन में एक कार्यक्रम के दौरान विवादित बयान दिया था. जिसमें उन्होने कहा था कि जो भी केरल मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का सिर काटकर लाएगा उसे एक करोड़ रुपए का इनाम दिया जाएगा. वहीं संघ के बर्खास्तगी के फैसले पर कुंदन चंद्रावत ने कहा कि मुझे संगठन का फैसला मंजूर है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि मैंने अपना कर्तव्य देशभक्त की तरह निभाया.

आरएसएस की ओर से ट्वीट में मनमोहन वैद्य ने कहा,  ‘उज्‍जैन में प्रदर्शन के दौरान विवादित बयान देने वाले कुंदन को आरएसएस ने जिम्‍मेदारी से मुक्‍त कर दिया गया है.’ वहीं आरएसएस के इंदौर दफ्तर की ओर से जारी एक बयान में बताया कि, ‘राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के प्रांत संघचालक डॉ. प्रकाश शास्‍त्री ने आज घोषणा की है कि उज्‍जैन में जनाधिकार समिति के धरने में विवादित बयान देने के कारण संघ के बारे में भ्रम निर्माण हुआ है इसलिए भाषण देने वाले श्री कुंदन जी चंद्रावत को राष्‍ट्रीय स्‍वयंसेवक संघ के दायित्‍व से मुक्‍त किया जाता है.’

जानकारी के मुताबिक, कुंदन चंद्रावत ने अपने कथन पर खेद व्‍य‍क्‍त कर कथन को वापस भी ले लिया है. उन्‍होंने अपील की कि एक व्‍यक्ति के बयान को संघ का अधिकृत विचार न माने.’ इससे पहले चंद्रावत ने अपने बयान के लिए माफी भी मांग ली थी.

कुंदन चंद्रावत ने विवादित बयान में कहा था कि विजयन का सिर लाने का इनाम देने के लिए वह अपना घर तक बेचने को तैयार हैं. जिसके बाद उनका वीडियो वायरल हुआ, जिसकी सोशल मीडिया पर भी खासी आलोचना हुई. अब आरएस ने उन्हें दायित्वों से कार्यमुक्त कर दिया है.

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