सोशल मीडिया पर हिमाचल प्रदेश के ट्राइबल जिला लाहौल स्पीति में पिता द्वारा नाबालिग बेटी के दुष्कर्म की घटना आजकल चर्चा में है। शांत माने जाने वाले क्षेत्र में इस तरह की घटना होना चिंता का विषय है। इस मामले पर तरह-तरह के विचार घाटी के लोगों द्वारा ज़ाहिर किये जा रहे हैं। कुछ मामले को तूल न देने की वकालत कर रहे हैं तो कुछ इस तरह की घटनाओं के प्रति जागरूकता फ़ैलाने की बात कर रहे हैं।

अच्छी बात ये है कि दोनों ही तरह के विचारों में दोषी को सख्त से सख्त सजा की मांग की जा रही है व नाबालिग पीड़ित के भविष्य की चिंता ज़ाहिर की जा रही है।

वहीँ आज एक और खबर सोशल मीडिया पर आई कि सीसु पंचायत के तमाम युवा मंडल और महिला मंडल की एक बैठक में इस अमानुषिक घटना की घोर निंदा की गई है। पंचायत ने एक प्रस्ताव पारित करके पीड़ित बिटिया को गोद लेने का निर्णय किया है। तथा सरकारी सहायता जो नियमानुसार उसे मिलना है के अतिरिक्त उसके अपने पैर पर खड़ा होने तक उसकी पढाई तथा जीवन यापन का खर्चा उठाने का जिम्मा लिया है।

सद्प्रयास इस तरह की अमानवीय घटना की निंदा करता है व सिस्सू पंचायत के विवेकपूर्ण व मानवीय कदम की सराहना करता है।

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