भारत और पाकिस्तान ने आज करतारपुर साहिब
गलियारा खोले जाने के समझौते पर हस्ताक्षर किए। डेरा बाबा नानक में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के जीरो प्वाइंट पर हस्ताक्षर समारोह में विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और गृह मंत्रालय के अधिकारी तथा पंजाब सरकार के प्रतिनिधि उपस्थित थे।


समझौते पर हस्ताक्षर के साथ ही करतारपुर साहिब गलियारे के शुभारंभ की औपचारिक रूपरेखा तय हो गई है। समझौते के अनुसार सभी धर्मों के भारतीय श्रद्धालु और भारतीय मूल के लोग करतारपुर साहिब दर्शन के लिए वीजा मुक्त यात्रा कर सकेंगे।

गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एस.सी.एल. दास ने बताया कि श्रद्धालुओं को अपने साथ केवल एक वैध पासपोर्ट लाना होगा। करतारपुर कॉरिडोर सुबह सूर्योदय से शाम तक खुला रहेगा। सुबह आने वाले श्रद्धालुओं को उसी दिन शाम को लौटना होगा।

श्री दास ने कहा कि भारत सरकार श्रद्धालुओं से शुल्क वसूलने के मुद्दे पर पाकिस्तान से फिर विचार करने और यह फैसला वापस लेने का आग्रह कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत गलियारे को वर्ष भर हर दिन खुले रखने के मुद्दे पर भी जोर देता रहेगा।

करतारपुर स्थित गुरुद्वारे में गुरुनानक देव जी ने अपने जीवन के अंतिम दिन व्यतीत किए थे।

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