पश्चिम बंगाल हाई कोर्ट के जज सीएस कर्णन ने खुद को सामान्य और स्थिर बताते हुए मानसिक जांच से इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जस्टिस कर्णन ने जांच पुलिस के साथ पहुंची 4 डॉक्टरों की टीम को भगा दिया। सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना के केस में जस्टिस कर्णन की मानसिक जांच का आदेश दिया था।जस्टिस कर्णन ने जांच के लिए पहुंची टीम से कहा कि वो पूरी तरह ठीक हैं और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वो दलित समुदाय से आते हैं और इस वजहे से सुप्रीम कोर्ट अपना भ्रष्टाचार छुपाने के लिए उन्हें निशाने पर ले रहा है।
अपनी मानसिक जांच का आदेश सुनने के बाद जस्टिस कर्णन ने कहा कि यह ‘बेवकूफाना’ आदेश है। उन्होंने कहा, “यह ‘पागल’ जजों द्वारा दिया गया ऑर्डर है, जो बेहद ‘जाहिल’ हैं।” उन्होंने अपने खिलाफ सात जजों के पैनल द्वारा की जा रही सुनवाई को बचकाना बताया। इस पैनल की अध्यक्षता भारत के मुख्य न्यायधीश जस्टिस जेएस खेहर कर रहे हैं।