सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को चारा घोटाले मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सीबीआई की याचिका स्वीकार कर ली है और चारा घोटाले में हर केस का अलग से ट्रायल चलाने का फैसला दिया है व ट्रायल को 9 महीने के भीतर खत्म करने का भी निर्देश दिया है। इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का फैसला पलट दिया है। अब लालू पर आपराधिक साजिश का केस चलेगा।
90 के दशक में बिहार में लालू प्रसाद यादव के मुख्यमंत्री काल में लगभग 950 करोड़ रुपये का चारा घोटाला हुआ था। वर्ष 1996 में सामने आए इस मामले में लालू यादव के अलावा कुल 47 आरोपी थे लेकिन लंबे समय से चल रही अदालती कार्यवाही के दौरान 15 आरोपियों की मौत हो गई।
सोमवार को उच्चतम न्यायालय ने झारखंड उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद्द किया जिसमें चारा घोटाला मामलों में से एक में दोष सिद्धि के बाद लालू और अन्य के खिलाफ मुकदमों पर रोक लगा दी गई थी। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि झारखंड उच्च न्यायालय के निष्कर्षाें में समरूपता होनी चाहिए और मामले में विभिन्न आरोपियों पर अलग-अलग राय नहीं देनी चाहिए ।
उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने में विलंब के लिए सीबीआई की खिंचाई भी की। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि सीबीआई निदेशक को इस महत्वपूर्ण मामले की ओर ध्यान देना चाहिए था और मामले को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी एक अधिकारी को सौंपनी चाहिए थी। वहीं, कोर्ट के इस फैसले के बाद एक मीडिया समूह से बात करते हुए बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अगर लालू यादव का साथ छोड़ें तो समर्थन पर विचार किया जा सकता है।