नई दिल्ली: चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में छह स्थानों का नाम बदलने पर आपत्ति जताते हुए भारत ने गुरुवार को कहा कि पड़ोसी देश के स्थानों का नाम बदल देने से अवैध कब्जा वैध नहीं हो जाता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने इस मुद्दे पर कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है।
उन्होंने कहा, ‘‘पड़ोसी देश के स्थानों का नाम बदलने से अवैध कब्जा वैध नहीं बन जाता है।’’ चीन ने कल घोषणा की थी कि पूर्वोत्तर राज्य में छह स्थानों के उसने ‘‘मानकीकृत’’ आधिकारिक नाम रखे हैं और इस भड़काऊ कदम को ‘‘वैध कार्रवाई’’ बताया था।
गौरतलब है कि दलाई लामा के अरुणाचल दौरे पर आपत्ति जताने के बाद चीन ने यह कदम उठाया है। रोमन वर्णों का इस्तेमाल करते हुए इन 6 जगहों का आधिकारिक नाम वोग्यैनलिंग, मिला री, क्वाइदेनगाबरे री, मेनक्यूका, बूमो ला और नामाकापुब री रखा गया है। चीन, अरुणाचल प्रदेश को ‘दक्षिणी तिब्बत’ बताता है।