भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान -आईआईटी के अनुसंधानकर्ताओं ने एक श्वसन फिल्टर का विकास किया है, जो सांस लेते समय 95 प्रतिशत धूलकण और प्रदूषकों के प्रवेश को रोकने में सक्षम है। साथ ही यह सबसे किफायती नेजोफिल्टर भी है।

व्यवसायीकरण के लिए तैयार इस नेजोफिल्टर की लागत महज 10 रूपये है। अनुसंधानकर्ताओं का दावा है कि यह करीब आठ घंटे तक पार्टिकुलेट मैटर को रोकने में सक्षम है और यह सांस से जुड़ी बीमारियों की आशंका को कम कर देता है।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हाल ही में इन अनुसंधानकर्ताओं के दल को राष्ट्रीय स्टार्टअप पुरस्कार से सम्मानित किया।

इसमें आईआईटी दिल्ली के संकाय सदस्य मनजीत जस्सल और अश्विनी के अग्रवाल के साथ पूर्व छात्र संजीव जैन, प्रतीक शर्मा, तुषार व्यास और वर्तमान छात्र जतिन केवलानी शामिल हैं।

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