मुंबई. महाराष्ट्र में डॉक्टरों पर मरीज़ों के परिजनों के हमले की घटनाए बढ़ गई थीं जिसके विरोध में डॉक्टर सामूहिक अवकाश पर चले गए थे. पांच दिनों के सामूहिक अवकाश के बाद करीब 4,500 रेज़िडेंट डॉक्टर काम पर वापस लौट गए हैं. हाईकोर्ट की ओर से जारी अल्टीमेटम के बाद देर रात डॉक्टरों ने काम पर लौटने का फैसला किया. महाराष्ट्र सरकार की तरफ से सुरक्षा का भरोसा मिलने के बाद रेजिडेंट डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी.
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बताया कि न सिर्फ़ मुंबई बल्कि महाराष्ट्र के सुदूर इलाक़ों के अस्पतालों में भी सुरक्षा मुहैया कराई गई है. अस्पतालों में सीसीटीवी समेत दूसरे सुरक्षा उपायों के लिए 33 करोड़ का फंड दिया गया है.
इससे पहले विरोध प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के मामले में मुंबई उच्च न्यायालय ने चेतावनी दी थी कि वे शनिवार तक काम पर लौटें नहीं तो सरकार एक्शन लेगी. वहीं डॉक्टरों की एसोसिएशन MARD ने हाईकोर्ट में हलफनामा दिया कि सुबह 8 बजे तक डॉक्टर काम पर लौट आएंगे. डॉक्टर काम पर न लौटे तो सरकार एक्शन ले सकती है. वहीं IMA ने भी शुक्रवार को हड़ताल वापस ले ली. आईएमए के मुताबिक- सरकार ने सभी मांगें मान ली हैं.
उधर, शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एक बार फिर डॉक्टरों के प्रतिनिधियों से मिले और हड़ताल ख़त्म करने की गुज़ारिश की.बता दें कि इस बैठक से पहले फडणवीस ने कहा था कि वह आखिरी बार बातचीत करने जा रहे हैं और इसके बाद भी अगर हड़ताल नहीं टूटी तो उनकी सरकार कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा डॉक्टरों को सुरक्षा का भरोसा दिया गया है. हमने उनकी सभी मांगें मान ली हैं.
वहीं दूसरी ओर डॉक्टरों की हड़ताल के बाद से मुंबई में 135 मरीज़ों की मौत होने की भी खबर है. सायन अस्पताल में 48 मरीजों की मौत हुई. इसकी पुष्टि सायन अस्पताल के डीन ने की है. केईएम अस्पताल में हड़ताल के बाद लगभग 53 मौतें हुई.