तिरुवनंतपुरम: केरल की भारी बारिश लोगों पर क़हर बनकर टूटी है. बारिश और बाढ़ ने राज्य में तबाही मचा रखी है. अब तक 37 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि 6 लोग लापता हैं. सबसे ज़्यादा प्रभावित इलाकों में कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड, इडुक्की और मल्लापुरम हैं. क़रीब 30 हजार लोग राहत कैंप में रहने के मजबूर हैं. बारिश और बाढ़ की वजह से वयानाड और एर्नाकुलम जैसे कई इलाकों की सड़कें कट गई हैं. इन सड़कों को दुरुस्त करने की कोशिश जारी है. राज्य के पेरियार, पांबा नदी के किनारे के इलाक़ो में रेड अलर्ट जारी है. नदियों के उफ़ान की वजह केरल के आधे से ज़्यादा ज़िलों में रेड अलर्ट अब भी जारी है.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राहत और बचाव कार्य का जायजा लेने के लिए राज्य का हवाई दौरा किया उनके साथ मुख्यमंत्री पी विजयन भी थे. गृहमंत्री ने जानकारी दी कि NDRF की 11 और टीमें केरल के मौसम और हालात को देखते हुए तैनात कर दी हैं. मौसम विभाग ने 14 अगस्त तक केरल में भारी बारिश की भविष्यवाणी की हुई है. इसे देखते हुए प्रशासन काफ़ी ऐहतियात बरत रहा है.

केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने कहा है कि इतनी बड़ी त्रासदी राज्य में पहले कभी नहीं देखी गई. उन्होंने कहा कि पूरा राज्य एकजुट है इस समस्या से निपटने के लिए. केरल में राहत और बचाव काम में सेना के जवान युद्ध स्तर पर जुटे हुए हैं. इडुक्की में आर्मी के जवानों ने एक जगह पर पुल बनाकर लोगों की ज़िंदगी आसान बनाई है.

प्रारंभिक आकलन के मुताबिक बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण केरल को 8,316 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

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