इसे सांस्कृतिक ‘पुनर्जागरण’ कहें या कि ‘समर्पण’, लाहौल के तांदी में चन्द्रा और भागा नदियों के संगम स्थल पर पिछले दो सालों से मनाया जाने…

‘पत्थल गढ़ी’, केंद्रीय भारत के आदिवासियों क्षेत्रों में प्रचलित एक पुरानी प्रथा है जिसमें आदिवासी लोग पत्थर या शिला को अंकित करके ज़मीन पर गाड़ते…