देश में व्याप्त भ्रष्टाचार, असंतुलित विकास, शोषण, दमन, दोहन, चाचा-भतीजावाद, लालफीताशाही, राज्य द्वारा संचालित आतंकवाद के कारण पैदा हुई सांप्रदायिक कटुता, जातीय, प्रजातीय तथा क्षेत्रीय अलगाववाद व असंतोष का परिणाम है, ‘सद्प्रयास’। ‘सद्प्रयास’- सत्य की खोज का प्रयास- यह एक प्रक्रिया है और अनंतकाल तक चलती रहेगी।

हमारा काम है सत्य की खोज करना, उसे पाना और अपने सह-मानव तक पहुंचाना। ‘सद्प्रयास’ न तो साधुओं का, न कोई गैर-सामाजिक जानवरों का टोला है। ‘सद्प्रयास’ का प्रयास है कि वह सह-मानवों के प्रश्नों के उत्तर खोजें। क्योंकि आज जिनसे उम्मीदें थीं, जिन्हें हमने उत्तरदाता के रूप में चुना, नियुक्त किया था वही हमारे प्रश्नों का प्रश्न बन गए हैं।

‘सद्प्रयास’, ‘सदाचरण एवं प्राकृतिक-परिवेश यामपाल संघ’ का संक्षिप्त नाम है। जिसकी रचना सदाचरण के ‘सद’, प्राकृतिक-परिवेश के ‘प्र’, यामपाल के ‘या’ और संघ के ‘स’ को मिला कर की गई है (सद+प्र+या+स)।

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